चाचा की लड़की एक शादी में मेरे से चुदने को तैयार हो गई - रियल चाचा की लड़की सेक्स स्टोरी

चाचा की कुंवारी जवान लड़की अपने भाई से चुदने को तैयार हुई 

चाचा की लड़की अपनी जवानी को कंट्रोल नहीं कर पाई और मुझसे लिपटने लगी  

चाचा की कुंवारी कमसिन बेटी ने मुझे अपनी गांड दी

चाचा की कुंवारी कमसिन बेटी

 नमस्कार पाठकों , मेरा नाम आरव है मै राजस्थान के भरतपुर जिले का रहने वाला हु , मै family3xstory का नियमित पाठक हूं, और आज मैं अपने चाचा की लड़की की चुदाई की कहानी आपको सुनाने जा रहा हु ।

कहानी को अंत तक पढ़ना , मजा नहीं आए तो वापिस मत आना ,कहानी में थोड़ा रियल वृतांत भी जुड़ा है तो शुरुआत थोड़ी बोरिंग लग सकती है 

जिसकी कहानी में सुना रहा हूं, उसका नाम है सिया , उसका रंग गोरा और हाइट 5 फीट है उसके बूब्स काफी बड़े बड़े संतरे जैसे थे उसका फिगर एक कमसिन जवान कली के जैसा है उसकी छोटी हाइट से देखकर सबको उसे गोद में उठाकर चोदने का मन करता है 

यह बात तब कि है जब मै अपने चचेरे भाई की शादी में जाने के लिए बिल्कुल उत्साहित नहीं था। मुझे लगा था कि पूरा दिन रिश्तेदारों के सवालों और तेज़ संगीत में निकल जाएगा। लेकिन जैसे ही मै शादी के हॉल में पहुँचा, मेरी नज़र एक लड़की पर पड़ी जो फूलों की सजावट के पास खड़ी अपनी छोटी बहन की मदद कर रही थी।

उसका नाम सिया था , वो सजी धजी इतनी हॉट लग रही थी कि मेरा मन बहक गया और उसे चोदने के जुगाड़ ढूंढने लगा ।

उसने पिंक टॉप और ब्लैक जीन पहन रखी थी उसकी कमर तो मानो जवान लड़कों पर कहर ढहा रही थी , उसके टॉप के बूब्स कट तो सबको आकर्षित कर रहे थे 

कुछ देर बाद हम दोनों की मुलाकात संयोग से हुई। मेरे हाथ में मिठाई की प्लेट थी और सिया मेरे से  टकरा गई , उसके बूब्स मेरे हाथों को रगड़ते हुए आगे चले गए, मेरे अंदर तो कामवासना की एक लहर सी उठ गई थी ।

“सॉरी!” सिया हँसते हुए बोली।

“कोई बात नहीं, मिठाई बच गई,” मैने मज़ाक किया।

दोनों हँस पड़े।

मैने अब उससे मजाक मस्तियां चालू कर दी , उसके गाल मसले, तो वो हंस के बैठ गई , इससे मेरी हिम्मत और बढ़ गई ।

शादी की रस्मों के बीच हमारी कई बार मुलाकात हुई। कभी हम सजावट ठीक करते, कभी बच्चों को संभालने में मदद करते और कभी दूर बैठकर शादी की तैयारियाँ देखते । धीरे-धीरे बातचीत बढ़ती गई।

मैने सिया से पूछा तेरा bf है क्या , उसने मना कर दिया ।

उसने मेरे से पूछा क्या तेरे कोई gf है , तो मैने भी मना कर दिया ।

अब सिया बोली , तेरा मन नहीं होता gf बनाने का , मैने बोला हां,मन तो करता है लेकिन कोई लड़की मिली ही नहीं ।

उसने बोला आस पास नजर दौड़ा , कोई जवान लड़की दिख ही जाएगी और मै बोलती हूं तुझे कोई लड़की मना नहीं करेगी , अब मै समझ गया यह खुद की ही बात कर रही है मैने झट से पूछ लिया क्या तू बनेगी मेरी gf , वो अब शर्मा गई लेकिन उसने बोला अब मैने ही बोला था तो मना कैसे कर सकती हूं।

अब मैने उसकी पसंद पूछा ,उसने मेरी पसंद पूछा।

सिया को किताबें पढ़ना पसंद था, जबकि मुझे क्रिकेट। दोनों की पसंद अलग थी, लेकिन बातें इतनी आसानी से होती थीं कि समय का पता ही नहीं चलता था।

मैने अब बोल ही दिया , सिया अंधेरी रात है अपने bf की जवानी की प्यास बुझा दे बाबू, और वो भी मना नहीं कर पाई ।

मै उसकी छत पर ले गया ,सब संगीत मै बिजी थे तो कोई हमें याद करने वाला भी नहीं था , मैने उसके पिंक टॉप के बाहर से ही उसके बूब्स काटना शुरू कर दिया , उसने मुझे बाहों में कस के पकड़ लिया था , मैने लगभग दस मिनट तक उसके गुलाबी होंठ चूसे और उसके मम्मे दबाये ।

अब हम दोनों गर्म थे , तो सही मौका था उसकी जवानी चखने का , मैने उसके जीन टॉप उतारे , उसका जिस्म क्या लग रहा था उसकी नन्गी चूचियाँ जो मेरे दबाने पर ऊपर नीचे हो रही थी और उसकी छोटी सी जवान चूत , मै तो उसे चोदने के लिए पागल हो रहा था 

मैने उसको नीचे लिटाया , और मेरा लंड उसकी चूत पर सेट किया और चोदना शुरू कर दिया , वो आह आह कर रही थी , थोड़ी देर मैने उसकी टांगे उठा कर चोदने के बाद उसको गोद मै उठाया और उसकी चूत पर लंड सेट करके गच से पेल दिया आह उसकी गर्म जवान चूत मेरे अंदर एक करंट दौड़ उठा ।

अब मैने उसको घोड़ी बनाया और मै घुटनों पर आ गया , अब उसकी फूली हुई गांड पर हाथ फेरा और लंड को पकड़कर उसकी गांड के नीचे चूत पर सेट किया और एक झटके में पूरा अंदर डाल दिया , लंड उसके चूत के आखिरी हिस्से से जा भिड़ा , वो आगे खिसक गई और आह दर्द हो रहा है धीरे करो।

मैने इसी तरह उसकी पांच मिनट तक चूत मारी , अब उसकी चूत से पट पच की आवाजें आ रही थी मै भी झड़ने के नजदीक था मैने चूत मारने की स्पीड बढ़ा दी और हम दोनों साथ मै ही झड़ गए , हमारा वीर्य छत पर गिरा आधा और आधा सिया के जिस्म पर ।

थोड़ी देर किस्स करने के बाद 

अब सिया बोली चलो नीचे चलते है , लेकिन मैने मना कर दिया मै एक जवान माल को एक बार लेकर कैसे छोड़ देता , मैने बोला मुझे तेरी गांड मारनी है , उसने एक बार तो मना किया लेकिन मेरी रिक्वेस्ट पर वो मान गई , अब मैने उसको घोड़ी बनाया और उसका मुंह जमीन के बल लेटा दिया अब यह पोजीशन आप इमैजिन कर लो , मैने उसकी गोल गांड पर हाथ फेरा और फिर उसकी गांड के हॉल पर थूक लगाया , थूक को लंड से उसकी गांड के हॉल को गीला करने लगा ।

अब बारी थी उसकी गांड को चोदने की , मैने अपने लंड को सिया की गांड पर सेट किया और अंदर डालने लगा लेकिन उसकी कमसिन गांड इतनी टाइट थी कि मेरा लंड का टोपा भी नहीं घुस पाया , अब मैने उसकी गांड के हॉल को ढीला करने के लिए धीरे धीरे उंगलियां डालना स्टार्ट किया , वो शर्मा रही थी और कह रही थी छी गांड मारने के लिए कुछ भी कर लेते हो ।

मैने सब अनसुना करके उसकी गांड के हॉल को ढीला किया अब उसकी गांड का मुंह इतना खुल चुका था कि मेरा लंड का टोपा तो घुस जाएगा , अब मैने लंड सेट किया और उसकी गांड में एक जोर का झटका दिया , मेरा आधा लंड उसकी गांड की दीवारों को चीरता हुआ जाकर गांड में फंस गया , वो दर्द से चिल्ला उठी ओह आरव बहुत दर्द हो रहा है ।

मैने फिर से उसको अनसुना करके एक और तेज का झटका दिया और इस बार मेरा पूरा लंड उसकी छोटी गांड को चीर कर अंदर समा गया था ।

वो कुतिया पोजीशन से गिर गई और और मै पीछे पीछे उसके ऊपर गिर गया लेकिन गांड के टाइट होने की वजह से मेरा लंड बाहर नहीं आया , और वो रोने लग गई आरव मर जाऊंगी लंड बाहर निकाल,

मैने नहीं निकाला, उसको मनाया कि आज के लिए मेरा दर्द सहन कर ले वो अब थोड़ी नॉर्मल हुई लेकिन दर्द उसको हो रहा था ऐसा वो बोली , मै रुका नहीं अब उसकी चूत के नीचे एक कंबल का तकिया बना कर सेट किया जिससे उसकी गांड ऊपर उठ गई , मेरा लंड तो पहले ही उसकी गांड में सेट था अब मैने उसकी गांड को चोदना चालू किया , उसकी गर्म गांड मुझे चूत से ज्यादा मजा दे रही थी ।

दोस्तो उसकी गांड इतनी फूली हुई और गद्देदार थी कि जीन में उसकी गांड का फिगर देखने वाले का लंड खड़ा हो जाए , और आज वही गांड मेरे लंड को अंदर समाए हुए मुझे मजे दे रही थी 

मैने इसी तरह दस मिनट उसकी गांड को चोद चोद कर एक मोटा हॉल बना दिया उसकी गांड अब पचड़ पचड़ की आवाजें दे रही थी और अब मैं उत्तेजना की चरम सीमा पर था यानि मेरा अब वीर्य निकलने वाला था मैने अब सारा वीर्य उसकी गांड के दो मोटे मोटे गोलों पर छोड़ दिया ।

अब मै भी थक चुका था अब हमने कपड़े पहने और नीचे शादी में आ गए पूरी रात हमने एंजॉय किया और  मैं काम के सिलसिले से बाहर ही रहता हूं और आज मै वापिस रवाना हो रहा था ।

विदाई का समय आया तो सिया थोड़ी उदास थी। मैने कहा, “आज तुमसे मिलकर अच्छा लगा। शायद इस शादी की सबसे अच्छी बात यही थी।”

सिया मुस्कुराई। “मेरी भी।”

दोस्तों यह थी मेरी रियल स्टोरी , आपको अच्छी लगी हो तो शेयर करना अपने दोस्तों के साथ ।

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