मामा की लड़की ने मेरे साथ सोने का बनाया मन
मामा की लड़की की चुदाई
नमस्कार पाठकों मेरा नाम मोहित है , मै राजस्थान के ब्यावर जिले का रहने वाला हु , मेरा रंग गोरा है और हाइट 5'9 इंच है
आज मैं जो स्टोरी सुनाने वाला हु वो कमसिन जवान लड़की है मेरे मामा की लड़की।
दोस्तो , मेरे मामा की लड़की का नाम सुरेखा है और सुरेखा सांवली है थोड़ी लेकिन उसका फिगर 34 28 34 है जो किसी हसीना ना से कम नहीं है।
उसके फूले हुए गाल और गांड जब भी मै देखता मेरा लंड खड़ा हो जाता था , उसके मोटे मोटे रसदार आम जैसे बूब्स को कोई देख ले तो उसका लंड खड़ा हो जाए।
उसकी चूचियाँ इतनी बड़ी है कि जब वो टी शर्ट पहन के चलती है तो उसके मम्मे जंप करते हुए दिखते है , मेरा तो उसे चोदने का बहुत मन करता था।
लेकिन उसकी मेरे प्रति कामवासना जगाना बाकी था जो इतना आसान नहीं था क्योंकि में अपने ननिहाल कम ही जाता था।
यह बात है गर्मियों की छुट्टियों की , जब मैं ननिहाल गया था
दिन में हम सब ने बहुत सारी बाते की और अब शाम हो गई थी
मै और मेरे मामा के लड़के और सुरेखा घर के बाहर खेलने लग गए ,
खेलते खेलते कब शाम हो गई पता ही नहीं चला।
अब अंधेरा होने ही वाला था कि मैने बोला हम कब्बडी खेलते है और जब सुरेखा हमारे खेमे में आई तो मैने उसको कब्बडी के बहाने कसकर पकड़ लिया , उसके मोटे मोटे बूब्स अब मेरे हाथों में थे और इस टाइम तो मानो मेरे अंदर एक करंट दौड़ रहा था
रात का अंधेरा सा था तो मेरी ये हरकत सुरेखा के अलावा किसी को पता नहीं था।
उसके बूब्स इतने मुलायम थे जैसे मैने रूई की चूचियाँ पकड़ रखी हो , पांच सेकंड पकड़े रखने के बाद मैने उसे छोड़ दिया , लेकिन वो अब समझ गई थी कि बुआ का लौंडा मेरी लेने की फिराक में है ।
अब मेरी बारी थी उनके खेमे में जाने की , मै गया तो मुझे सामने वाले खिलाड़ियों ने नीचे गिरा दिया , उतने में ही सुरेखा आकर मेरे टांगों पर गिर गई और अचानक से मेरे लंड पर हाथ दिया , मेरा लंड खड़ा था और सुरेखा ने हल्का सा मेरा लंड दबाया और तुरंत छोड़ दिया , उसके हाथ मेरे लंड पर टच होते ही मेरे अंदर वासना की लहर सी उठ गई।
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अब तो बस मेरे मन में एक ही बात चल रही थी कि कैसे भी करके आज की रात को सुरेखा के साथ मिलकर सुहागरात बनानी है
अब हम सभी घर के अंदर चले गए और मैने सुरेखा की आंखों में देखा तो उसकी आंखे एक कमसिन वासना युक्त नजरों से मुझे देख रही थी।
मैने सुरेखा को बोला आज रात छत पर सोते है सभी मिलकर, तो सुरेखा बोली - सबको लेकर जाएगा तो तेरा मकसद कैसे पूरा होगा
मै चौंक गया क्योंकि सुरेखा ने सीधा संकेत दे दिया कि वो आज चुदवाने को तैयार है।
तो मैने उससे बोला कि अब क्या करे तू ही बता दे फिर , वो बोली छोटे भाई को लेजा ऊपर तू , मै भी ऊपर सोने का बोल कर आ जाऊंगी क्योंकि छोटा जल्दी सो जाएगा और कोई हम पर शक भी नहीं करेगा।
अब हम सबने मिलकर खाना खाया , खाना खाते टाइम सुरेखा मुझे अपनी कातिल निगाहों से बार बार घायल कर रही थी , कभी आँख मार्टी मेरे सामने तो कभी हल्के से अपनी मोटी चुचि पर हाथ फेरकर मुझे चिढ़ा रही थी।
अब मै और मेरे मामा का छोटा लड़का ऊपर सोने चले गए , थोड़ी देर बाद नीचे से सुरेखा की आवाज आई मम्मा मुझे आज ऊपर सोना है मेरे अन्दर अब खुजली सी होने लग गई क्योंकि आज माल खुद चलकर मुझसे चुदने आ रहा था।
सुरेखा ऊपर आई और मेरे बगल में अपना बिस्तर सेट कर दिया , एक तरफ छोटा भाई था उसका तो एक तरफ सुरेखा थी और बीच में मै लेटा हुआ था , हम तीनों मिलकर फोन देख रहे थे , इतने में सुरेखा मेरे पेट हाथ डाल कर अपनी उंगली मेरी नाभि पर घुमाने लग गई , इससे मेरा लंड अब खड़ा होने लग गया था।
मैने फोन पर छोटे भाई के पसंदीदा कार्टून लगाकर कर उसके हाथ में दे दिया और हम दोनों भी उसके कार्टून देखने की एक्टिंग करने लगे।
वो अपने कार्टून में मशगूल हो गया और हमने पैरों से कमर तक एक ही कंबल में खुद को ढक लिया ताकि छोटा हमारी तरफ देखे तो भी उसे एकदम से कुछ पता ना लग सके।
अब मैने उसके लोअर में हाथ डाला और उसकी क्लीन शेव चूत पर हाथ फेरने लग गया , उसने अंदर कुछ नहीं पहना था चुदने की पूरी तैयारी करके आई थी मेरी तरह, मै भी अपनी अंडरवियर उतारकर कर आया था।
अब उसने भी मेरे लोअर के अंदर हाथ डाला और मेरे गर्म और सख्त लंड को अपने हाथ में पकड़ कर आगे पीछे करने लगी।
मै उसके चूत पर हाथ फेरते फेरते अब उसकी चूत में एक उंगली डाल दी , मेरी उंगली अब उसकी खोलती हुई चूत में घूम रही थी , उसकी चूत का चिपचिपा पानी मेरे उंगली पर महसूस हो रहा था।
और सुरेखा मजे से तिलमिला रही थी अपनी गांड हिलाने लग गई थी, ऐसी तरह आधे घंटे तक हमने एक दूसरे के उंगली कर कर के पानी निकाल दिया था जो हमारे कपड़ों पर ही गिरा।
अब हमने छोटे को सोने का बोल दिया और हम भी सोने का नाटक करने लग गए , आधा घंटा तक इंतजार करने के बाद अब छोटे को नींद आ चुकी थी।
मैने सुरेखा की टीशर्ट उतारी और उसके मोटे मोटे आम जैसे मम्मों की चूसने लग गया , क्या कमसिन मम्मे थे सुरेखा जिन्हें मैं लगभग दस मिनट तक चूसता रहा फिर भी मेरा मन नहीं भरा।
अब मैने सुरेखा को दाये हाथ के बल लिटाया और उसकी एक टांग आगे करवा कर चोदने की पोजीशन बना ली , अब मैने मेरा लंड पीछे से उसकी चूत पर सेट किया , और उसकी चूत के ऊपर मैने अपना लंड फेरना चालू कर दिया , और उसकी कमसिन चूत गर्म गर्म भाँप फेंक रही थी।
अब मैने उसकी चूत दी फांकों पर लंड सेट किया और एक झटके के साथ गच से उसकी चूत में पेल दिया , मेरा लंड उसकी चूत की दीवारों को चीरता हुआ पूरा अंदर समा गया था।
मुझे जो मजा आ रहा था सुरेखा को चोदने में , मै उसे शब्दों में नहीं लिख पा रहा हु , दोस्तो उसकी चूत चौदते टाइम मेरा पेट उसकी मोटी मोटी गांड से टकरा रहा था, मैने इसी पोजीशन में उसको पांच मिनट तक चोदा।
अब मैने उसको सीधा लिटाया और मै उसके ऊपर सो गया और उसके गुलाबी होंठ पीने लगा तो कभी बीच बीच में उसके मोटे मोटे बूब्स भी पी रहा था।
मैने अब उसकी दोनों टांगे उठाई और अपने कंधों पर डाल दी , और उसको अपने पास में खींच लाया , उसकी चूत मेरे लंड से आ टकराई , मैने फिर थोड़ा सा उसकी मुलायम चूत पर बाहर से लंड फेरा और अब मैने मेरा लंड उसकी चूत में पेल दिया।
उसकी गर्म गर्म चूत मेरी कामवासना को और बढ़ा रही थी मन कर रहा था कि पूरी रात इसे चोदता रहूं। अब मैने इसी पोजीशन में पांच मिनट तक उसकी चूत चोदा, जिससे अब उसकी चूत से धीरे धीरे पच पच की आवाजें आने लग गई।
अब मै समझ गया था कि सुरेखा का वीर्य निकलने वाला है तो मैने चोदने की स्पीड और बढ़ा दी , अब सुरेखा नीचे चुदने के दर्द से तिलमिला रही थी , इतने मै ही एक तेज धार के साथ गर्म गर्म पानी मेरे लंड पर महसूस होने लगा वो सुरेखा का वीर्य था।
अब सुरेखा और चुदने में आना कानि करने लग गई क्योंकि वो झड़ चुकी थी और झड़ने के तुरंत बाद चुदने का मन नहीं होता है तो मैने भी सुरेखा से बोला तुझे तो मजा मिल गया मेरा क्या , तो सुरेखा बोली मैं हिलाकर तेरा पानी निकल देती हुं।
मैने मना कर दिया , और बोला मुंह से पानी निकालती है तो बोल एक बार तो उसने मना किया लेकिन मेरे मनाने पर वो मान गई। अब उसने मुझे नीचे लिटाया और खुद मेरे ऊपर चढ़ गई , वो मेरे होठ पी रही थी और एक हाथ से मेरा लंड सहला रही थी।
कुछ देर होठ पीने के बाद अब वो मेरे लंड की तरफ आई और धीरे धीरे मेरे लंड के टोपे को चाटने लगी , उसे कड़वा महसूस हुआ तो मैने बोला बेटा ये तेरी ही चूत का पानी है कोई ना तू कंटिन्यू कर ।
अब उसने धीरे धीरे लंड मुंह में लेना शुरू किया , और आधे से ज्यादा लंड मुंह में लेकर आगे पीछे करने लगी , इसी तरह लगभग पांच मिनट मेरा मोटा लंड चूस कर उसका वीर्य निकाल दिया जो कि पूरा उसके मुंह में आ गया और वो अब खड़ी हुई और छत से वीर्य थूक कर आ गई।
अब वो मेरे पास आई और लेट गई , मैने मेरा लंड उसके गालों पर फेरा थोड़ी देर और थोड़ी मेरा लंड उसके मोटे मोटे मम्मो पर भी फेरा और कुछ देर बाद अब हमने फिर से एक दूसरे के होंठ पीने शुरू कर दिए।
इसी तरह उस रात हमने लगभग तीन बार सेक्स किया और सो गए
सुबह उठे और एक सामान्य दिन की तरह जीने लग गए किसी को भनक तक नहीं लगी और हमने एक दूसरे की आग बुझा ली।
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