भतीजी की चुदाई - भतीजी ने चाचा को चौदने के लिए उकसाया - Real Sex story

गांव की कमसिन कुंवारी भतीजी की चुदाई 

चाचा की दीवानी हुई उस रात - Real Sex story  

नमस्कार पाठकों , मेरा नाम है राज और मैं हरियाणा का रहने वाला हूं , मै family3xstory का नियमित पाठक हूं 
आज मैं अपनी भतीजी की चुदाई की कहानी आप लोगों को सुनाने जा रहा हूं 
सभी लड़के लोग अपना लंड हाथ में ले ले , और सभी लड़कियां अपनी चूत में उंगली डाल ले , क्योंकि ये कहानी इतनी मजेदार है कि आप खुद को रोक नहीं पाओगे ।
सेक्सी भतीजी 18 year old cute girl pic

दोस्तों आज जिस लड़की की कहानी, मैं सुनाने जा रहा हूं वह मेरे चचेरे भाई की लड़की है , उसका नाम ललिता है उसकी उम्र 18 साल है वह बहुत शरारती है और वह शरारत करते-करते मेरे पेट के ऊपर बैठ जाती थी और कभी-कभी थोड़ा पीछे सरकती और मेरे लंड पर बैठ जाती थी , मेरे लंड में तो मानो उस समय बिजली दौड़ रही होती थी , और उसके बूब्स भी बड़े-बड़े टमाटरों की तरह दिखते थे , उसके मम्में देखने वालों का तो दूर से ही लंड खड़ा हो जाता था

मुझे तो पता था शुरू से ही कि ये एक चालू रंडी है क्योंकि उसकी मां भी बहुत से लोगों से चुदवाती थी , तो उसकी लड़की तो रंडी होना तय थी , लेकिन मुझे यह नहीं पता था कि यह मुझसे भी चुदना चाहेगी क्योंकि उसकी उम्र अभी बहुत कम थी लेकिन उसका शरीर एक जवान लौंडियां की तरह था 

एक दिन की बात है मैं उसके घर गया था, मै और उसके परिवार वाले कुछ सदस्य बैठकर टीवी देख रहे थे , ललिता कमरे में आई और जमीन पर बिस्तर डाल के मेरी चारपाई के आगे सो गई थी 
और अपनी शर्ट के दो तीन बटन खोल दिए , अब उसने अपने शर्ट के अंदर हाथ डालकर ब्रा के अंदर मानो अपने बूब्स सेट कर रही हो 
थोड़ी ही देर बाद उसने अपनी ब्रा हटा दी और शर्ट के बटन उसके पहले से ही खुल्ले थे तो मुझे उसका एक बूब्स दिखने लग गया , उसका बूब्स एक मतवाले लाल टमाटर के जैसा दिख रहा था 
अब उसने धीरे से दूसरे मम्में से भी ब्रा हटा दी और राइट साइड वाले कॉलर हो हटा दिया और मुझे उसका दूसरा बूब्स दिखने लग गया

अब मुझे शक हो गया  , कि यह सब मुझे अपने लाल लाल मम्में दिखाने के लिए कर रही है इतने में ही मेरा लंड खड़ा हो गया 
अब उसने इसी तरह लगभग पांच मिनट अपने बूब्स दिखाए और उन पर खुजली करने के बहाने मुझे दिखा कर दबा रही थी ।


अब उसने अपनी ब्रा वापिस अपने बूब्स पर चढ़ा ली , और शर्ट के बटन बंद करके गर्दन घुमा कर मेरी तरफ देखा और  मुस्करा कर बाहर चली गई और थोड़ी देर उसके घरवालों से बातें करने के बाद मैं भी अपने घर वापिस आ गया था , लेकिन उसके बूब्स वाला सीन अब मेरी आंखों के सामने बार- बार आ रहा था जिससे मेरा लंड खड़ा हो जाता था , मैने आज रात उसकी बूब्स के सीन के नाम मुट्ठी लगा ली और सो गया , अब तो मैं ललिता को चोदने का पूछने का मौका ढूंढने लगा था ।

दो- तीन दिन बाद रात के आठ बजे के आस पास उसकी मम्मी और वो मेरे घर पर बातें करने के लिए आये , आज वो एक लोअर और टी-शर्ट पहन कर आई और उसके मुँह पर मेकअप था जिससे उसका गोरा मुंह चमक रहा था , मैने उससे पूछा प्यार से लिल्ली ओहो आज इतना तैयार होकर कैसे आई हो , तो उसने हंसते हुए बोला भाई ने कर दिया मेकअप उसने बोला मुझे करना आता है तो मैने बोल दिया मेरे करके दिखा ।

अब मै तो मेरे रूम में चला गया और मूवी देखने लग गया , थोड़ी देर बाद वो पीछे आई और मेरे पास बैठ गई , उसने कहा मै थकी हुई हूं, सोकर देखते है मूवी , मैने भी हाँ कर दी , अब हम दोनों एक चारपाई पर लेटे हुए थे ।


थोड़ी ही देर हुई वो मस्ती करने लग गई वो मेरे पैर पर अपना पैर डालने लग गई और बार बार मेरे चिपकने लग गई , मैने बोला ऐसे नहीं कोई आ गया तो अपनी पोल खुल जाएगी , उसे बोला हम दोनों बैठ कर मूवी देखते है , दोनों अब चारपाई पर बैठ गए थे ।

मैने उसे अपने आगे बैठा कर उसके हाथ में मोबाइल दे दिया , और मै उसके जस्ट पीछे बैठकर मूवी देखने का नाटक करने लग गया , मेरा तो मन उस दिन के सीन वाले बूब्स दबाने के सपने देखने लग गया ।

मैने उसकी पीछे से उसकी जांघों पर हाथ रख दिया , और अब आगे कुछ करने की मेरी हिम्मत नहीं हो रही थी , लेकिन तब तक उसने मेरा हाथ पकड़ कर उसने अपनी चूत पर रख दिया और पकड़े हुए ही मेरे हाथ को ( लोअर के ऊपर से ही ) अपनी चूत पर फेरने लग गई , अब मैं खुल गया था और खुद से ही उसकी चूत सहलाने लग गया ,वो कसमसा रही थी मजे से , और उसकी चूत तो किसी गर्म इंजन की तरह भाप फेंकने लग गई थी ।

लेकिन मेरा मन तो उसके बूब्स पर अटका हुआ था , मैने धीरे से उसकी टी-शर्ट ऊपर की और उसकी कमर और पेट पर हाथ फेरने लग गया , फिर मैने उसकी नाभि में उंगली डाली और नाभि को उंगली से घुमाने लगा , और शायद मजे से तिलमिला उठी थी इस वक़्त , अब मौका सही था और मैने हाथ थोड़ा ऊपर उठाया और उसके बूब्स तक ले गया , उसने ब्रा पहन रखी थी मैने उसकी ब्रा के ऊपर से उसके लेफ्ट मम्में को दबाना शुरू कर दिया ।

कुछ देर उसका लेफ्ट मम्मा दबाने के बाद मैने राइट हाथ डाला और राइट वाले मम्में को ब्रा के ऊपर से ही दबाने लगा , इसी तरह लगभग दस मिनट तक उसके दोनों मम्में दबाता रहा ।

फिर मैने उसके लेफ्ट बूब्स से ब्रा हटाई और उसका बूब्स दबाने लग गया , अरे दोस्तों क्या ही बताऊं इतना मजा आ रहा था उस कमसिन कलि के रूई जैसे मम्में दबाने , कि मेरे लंड ने हल्का पतला पानी छोड़ दिया था ।
इसी तरह मैने उसका राइट मम्मा भी कुछ देर दबाया और उसकी ब्रा वापिस ऊपर चढ़ा दी ।

मै अब उसके लोअर में हाथ डाल कर उसकी चूत छुने ही वाला था कि उसकी मां ने आवाज दी , बेटा ललिता आजा घर चलते है 
वो चली गई दोस्तों,और मुझे फिर से आज उसके नाम की मुठी मर कर सोना पड़ा ।

उसके अगले दिन जब हम मिले तो मैने उससे बोला आज रात को अंधेरा होते ही खेत में आ जाना , और उसने हाँ कर दिया अब मुझे रात होने का इंतजार था क्योंकि आज एक माल की चूत मिलने वाली थी मुझे ।

रात होते ही वो मेरी बताई हुए जगह पर आ गई जहाँ पहले से ही मैने एक चारपाई रख दी थी , और खेत में फसल बड़ी थी तो कोई हमें देख भी नहीं सकता था , मैने उसको बाहों में उठा कर उसके होठ चूसने चालू कर दिए थे वो हाइट में ज्यादा लंबी नहीं थी तो मैं ये सब आसानी से कर पा रहा था ।

आह दोस्तो , उसके गुलाबी होंठ पीने बहुत मजा आ रहा था अब मैने उसको चारपाई पर लेटाया और उसकी टीशर्ट और लोअर दोनों उतार दिए , उसने अंदर कुछ नहीं पहना था मैने उसकी गद्देदार फुदी (चूत) को अपनी मुट्ठी लेकर मसल दिया , और उसने कहा आह दर्द हो रहा है ऐसे मत करो ।

मैंने उसको अपने ऊपर चढ़ाया और उसके बूब्स मेरे मुंह पर लाकर उनको पीने लग गया काफी देर तक उसके बूब्स पीने के बाद उसको चारपाई पर लेटाया और उसकी दोनों टांगे फैलाई और अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया , उसका चूत किसी गर्म कमरे से कम नहीं था लेकिन मजा ac वाले कमरे जैसा दे रहा था ।

उसकी फूली हुई मांसल चूत , ऐसी चूत मै पहली बार मार रहा था 
दोस्तों फीलिंग ऐसी आ रही थी जैसे कोई रूई की बनी हुई चूत चोद रहा हूं लगातार पांच मिनट चोदने के बाद उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया था और अब वो हटने के लिए कह रही थी , लेकिन मैने बोला मेरी जान मेरा पानी तो निकाल ऐसे हटाएगी तो तुझे कभी कोई नहीं चोदेगा।

अब मैने उसको घोड़ी बनाया और उसके पीछे किसी घोड़े की तरह चढ़ गया उसकी चूत पर थूक लगाया और मोटा लंड पेल दिया अब उसकी चूत से पच पच की आवाजें आ रही थी , इसी तरह पांच मिनट और चोदने के बाद मैं भी झड़ गया ।

और हम दोनों चारपाई पर लेट गए , मैने मेरा लंड उसकी चूत में डाल दिया और उसके बूब्स पीने लगा , और साथ ही उसके होठ भी पीने लगा , इसी पोजीशन में हम दस मिनट तक मजे से एक दूसरे को चूसते रहे , और फिर दोनों ने कपड़े पहने और अपने अपने घर की तरफ निकल गए ।

हमारी पॉपुलर कहानी यह भी पढ़े - मौसी की छोटी बेटी की रात में सील तोड़ी 

तो दोस्तो यही थी मेरी कहानी , आप जुड़े रहना नई नई रियल फैमिली सेक्स कहानियों के लिए family3xstory से ।

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Disclaimer -  

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Note -

Sex within family relationships is prohibited in Hinduism, and we respect all religions. Reading stories on our website should discourage anyone from taking such steps. This will diminish your and your family's value in society. We hope you understand



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