बुआ की लड़कियों ने मुझे चोदना सिखाया - bhua ki ladki Real Sex Story

बुआ की दो लड़कियों ने अपनी चूत की हवश में मुझे चोदना सिखाया 

बुआ की लड़कियों ने खेल खेल करके मेरे से लंड ले लिया 

भुआ की सेक्सी लड़कियां

नमस्कार पाठकों, मेरा नाम कमल है आज मैं अपनी बुआ की लड़कियों के साथ चुदाई की कहानी सुनाने जा रहा हूं।
बुआ की बड़ी बेटी का नाम मीना है और छोटी बेटी सीमा है 

यह बात तब कि है जब मैं 17 साल का था ।
एक दिन मेरी बुआ की लड़की मेरे घर आई, वो मीना थी इसकी उम्र 23 थी ।
उसने आते ही सबको नमस्ते किया और मेरे गाल पे चूंटी काटी, सबने दिन भर बातें की और शाम को एक फंक्शन के लिए निकलने लग गए ,मीना ने फंक्शन में जाने से मना कर दिया उसने बोला मै थकी हुई हूं और मैं आराम करूंगी ।

मै भी नहीं गया था क्योंकि मेरे बोर्ड के एग्जाम थे और मै घर पर पढ़ रहा था , सबके जाने के बाद मीना मेरे कमरे आई , उसे देखते ही मेरे अंदर हवश की लहर दौड़ उठी क्योंकि उसने एक टाइट निक्कर और टॉप पहन रखा था लगभग वो अर्धनंगी थी मेरे सामने , मेरे लिए ये एकदम नया था क्योंकि हमारे गांव में सब पूरे कपड़े पहनते है और ये लोग सिटी के थे तो इनके लिए ये नॉर्मल था ।

मेरी आज तक कोई गर्लफ्रेंड नहीं थी तो मैंने आज तक किसी लड़की का पेट और जांघे नहीं देखी थी और एकदम से मीना आज इस तरह मेरे सामने आकर कुर्सी पर बैठ गई , मेरा लंड तो उसे देखते ही खड़ा हो गया था ।

मीना ने भी नोटिस कर लिया कि उसका लंड खड़ा है , मै अपने तने हुए लंड को छिपाने की कोशिश कर रहा था , लेकिन मीना ने बोल दिया इतना अनकंफर्ट क्यूं हो रहा है तू तो लड़का है तेरा लंड खड़ा हो गया तो क्या हुआ , ये तो शरीर का एक पार्ट है ।

वो इस तरह बोल रही थी और मै चुप चाप सोच रहा था कि आज ऐसे बोल दु कि मुझे सेक्स करना है तेरे साथ ,लेकिन मेरी हिम्मत नहीं हो रही थी 

इतने में ही पास में आकर बेड पर बैठ गई उसने बोला तेरी कोई गर्लफ्रेंड है क्या , मैने कहा नहीं  , उसने फिर से पूछा तूने कभी सेक्स किया है मैने कहा दीदी जब गर्लफ्रेंड नहीं है तो सेक्स किसके साथ करूंगा ।

उसने बोला तुझे सेक्स करना है तो मैने भी हाँ कह दिया , उसने बोला मेरे साथ कर ले, मैने बोला मुझे नहीं आता है कैसे सेक्स करते है जिससे ज्यादा मजा आए , उसने बोला आजा में तुझे सिखाती हूं।

उसने बोला - अब तू मेरे ऊपर लेट जा और मेरे होठों पे अपनी जीभ फेरना चालू कर दे , दोस्तो उसके गुलाबी होंठ बहुत मुलायम थे , उसे चाटने में बहुत मजा आ रहा था और मेरा तो लंड ही गीला हो गया ।

अब उसने मुझे नीचे लेटाया और वो मेरे ऊपर चढ़ गई वो मेरे होठ पीने लगी साथ मै ही वो मेरी जीभ भी चूस रही थी 10 मिनट ऐसे ही उसने मुझे चूसा और अब बोली मुन्ना आज मेरे टॉप और निक्कर उतार दे ।
मैने उसका टॉप उतारा और मै तो पागल सा हो गया उसके मोटे मोटे रसदार आम जैसे बूब्स थे, मैने तुरन्त उनको चुसना चालू कर दिया , उसके निप्पल से अब पतला पतला पानी आ रहा था जो कि मैने पी लिया थोड़ा कड़वा था 

आधे घंटे तक मै उसके बूब्स कभी दबाता तो कभी ऊपर से चुसता तो कभी नीचे वाले बूब्स के हिस्सों पर जीभ फेरता , अब उसने बोला बेटा नीचे वाला माल तो देख ले मेरा क्या पूरी रात मेरे मम्मे ही चूसेगा।

मैने उसका निक्कर भी उतार दिया और अब मेरी बुआ की लड़की मेरे सामने पूरी नन्गी थी वो एक किसी खूबसरत माल से कम नहीं थी 
उसकी चूत फूली हुए गद्देदार थी जिसको दबाने पे लग रहा था कि में किसी रूई की बनी चूतड़ को दबा रहा हूं।

अब उसने बोला बेटा ये फूली हुई चूत अब तेरे लंड के घुसने का इंतजार कर रही है , मैने तुरंत मेरा लंड निकाला और उसकी दोनों टांगे उठाकर उसकी चूत के छेद पर सेट कर दिया था , और मैने हल्का सा जोर दिया और मेरा पूरा लंड उसकी मोटी चूत में समा गया था मेरा यह फर्स्ट टाइम था मुझे ऐसा लग रहा था कि मैने किसी उबलती हुई चूतड़ में लंड डाल दिया लेकिन उस गर्माहट में मजा दुगुना आ रहा था ।

मैने उसकी चूत में मेरे लंड को आगे पीछे करना चालू कर दिया , मुझे इतना मजा आ रहा था कि मैं किसी सपने में हूं , मीना ने तो मानो आज की रात मेरे लिए सुहानी बना दी ।

उसकी चूत का पानी मेरे लंड के टोपे पर गर्माहट पैदा कर रहा था और मुझे लग रहा था मेरे लंड के अंदर से अब वीर्य आने वाला है 
मेरी चोदने स्पीड अपने आप बढ़ गई और वो भी नीचे कसमसा रही थी मजे से , मेरे लंड से अब एक तेज रफ्तार के साथ वीर्य की फुहार निकली जो लगभग तीस सेकंड तक रुक रुक कर चलती रही , और उसका चूतड़ अब मेरे लंड के वीर्य से पूरा भर चुका था अब जब भी में लंड उसकी चूत में डाल के बाहर करता तो कच्च पच्च की आवाजें आ रही थी ।

अब मै पूरा थक गया था और मैं नन्गी मीना के ऊपर गिर पड़ा और उसकी सांसे भी फुल चुकी थी और उसकी जोर जोर से साँसे चल रही थी जिससे उसके मोटे मोटे बूब्स ऊपर नीचे हो रहे थे ।

अब तक रात के 10 बज चुके थे और हमने वापिस कपड़े पहने और मै पढ़ने लग गया , मीना अपने कमरे में जाकर सो गई थी 
11 बजे घर वाले आए , मैने घर का दरवाजा खोला और मै भी रूम में जाकर सो गया था 

दूसरे दिन हम सुबह उठे और एक दूसरे को देखा तो मुस्करा गए ,
थोड़ी देर बाद मैने मीना से बोला मेरा तेरी चूत चोदने का मन कर रहा है , आजा यार रूम में , उसने बोला पागल घर वाले है पता चल जाएगा ।

उसने बोला आज सीमा भी आ रही थी और मैं बहाना बनाकर फंक्शन में जाने से मना कर दूंगी फिर तूझे घर वालों के जाने के बाद आज दो दो चूत मिलेगी , और हाँ मीना तो कुंवारी कली है उसकी चूत पहली बार तुझे मारने को मिलेगी।

घर वाले चले गए, सब कुछ हमारी प्लानिंग के हिसाब से चल रहा था उतनी ही देर में सीमा भी आ गई , मीना ने सीमा को पहले ही सब कुछ बता रखा था ।

अब हम तीनों कमरे में चले गए , और मैने मीना को बेड पे गिरा कर उसके मोटे मोटे मम्में चूसने शुरू कर दिए , लेकिन मीना ने मुझे हटाकर बोला आज सीमा की बारी है मैने इसीलिए  तो इसे यहां बुलाया है ।

मीना ने सीमा और मुझको नंगे किये , सीमा दिखने में मीना से खूबसूरत थी लेकिन उसका फिगर नहीं था वो पतली से लड़की थी 
मीना ने सीमा के संतरे जैसे बूब्स मेरे मुंह में पकड़वाए और चुसवाने लगी ।
कुछ देर बाद मीना तेल लाती है और मेरे लंड पर लगाती है साथ ही सीमा की चूत पर भी तेल लगाती है और बोलती है आज इसकी छोटी चूत को चोद के मेरी जैसी मोटी चूत बना दे ।

मैने मेरा लंड सीमा की चूत पर सेट किया और डालने लगा लेकिन उसकी चूत इतनी टाइट थी कि एक इंच भी लंड नहीं घुस पाया , मीना आई और सीमा की चूत की दोनों फांकों को पकड़ा और फैला दिया अब उसकी चूत के अंदर का होल दिख रहा था मैने लंड सेट किया और गच से सीमा की चूत के अंदर डाल दिया , सीमा उछल पड़ी , मैने कस के पकड़ा हुआ था तो लंड बाहर नहीं निकाल पाई , अब वो रोने लगी थी , लेकिन मुझे अब उसकी कुंवारी चूत मारने में मजा आ रहा था , मै थोड़ी देर रुकने के बाद खून से सने लंड से ही उसने चोदता रहा ।

पांच मिनट बाद सीमा का भी दर्द कम हो गया और उसे भी मजा आने लग गया , अब वो चुदवाने में मेरा साथ दे रही थी लगभग  दस मिनट तक चोदने के बाद उसकी उसकी नन्ही चूत चूतड़ बन चुकी थी क्योंकि अब लंड आसानी से अंदर बाहर हो रहा था ।

और अब उसको कुतिया बनाया और पीछे से लंड पेलने लगा , उसकी चूत भी अब मीना की तरह गीली हो चुकी थी और पच गच की आवाजें आने लगी थी थोड़ी देर और चोदने के बाद हम दोनों झड़ चुके थे दोनों एक दूसरे की ओर देखकर मुस्कुरा रहे थे ।

इतनी देर में बाहर दादाजी आ गए और हमने हड़बड़ी में कपड़े पहने और दरवाज़ा खोला।

तो दोस्तो कैसी लगी मेरी कहानी अगर आपको पसंद आयी हो तो ऐसी तरह की रियल कहानियां पढ़ने के लिए family 3x story से जुड़े रहिए ।



Disclaimer - 

All character are fictional and story written by virtual thinks.
So don't inspire from that type of story.

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